Friday, October 24, 2025

This Is What It Takes

When I miss you,

My eyes scream & drains,

My heart cries & breaks,

If this is what it takes,

If this is what it takes,

When I miss you,

Pulses run faster than wind,

Mind wants this pain to end,

If this is what it takes,

If this is what it takes,

When I miss you,

Fingers reach to your face,

Mirror looks to me with hate,

If this is what it takes,

If this is what it takes,

When I miss you,

Tears flow day turns a mess,

I hide away my stress,

If this is what it takes,

If this is what it takes,

When I miss you,

Happiness is nowhere around,

I am so lost to be found,

If this is what it takes,

If this is what it takes,

When I miss you,

I lay down feelings aches,

Thoughts haunt me for mistakes,

If this is what it takes,

If this is what it takes,

When I miss you,

I look into shadows of past,

May be wrong but I wanted it to last,

If this is what it takes,

If this is what it takes,


Why do I miss you,

We almost never talked,

Handshake ended silence walked,

Why is this what it takes,

Why is this what it takes.

Tuesday, July 29, 2025

चिक्की

मुझे तुम याद आती हो

शाम की बहती हुई नदी की तरह

सारे आकाश में फैली

बादलों के बीच में

तन्हाई समेटे हुए

अंगड़ाई लेती हुई

चेहरे पर उदासी की परत के साथ

बर्फ से लिपटी हुई चादर ओढ़े

मुझे तुम याद आती हो

खुशबुओं की बहार की तरह

दूर से आती हुई बहकते बहकाते

कितने दरिया कितने तूफान

अपने आप में समेटे हुए

चुपचाप धीरे धीरे से

रात को नींद न मिली आँखों के साथ

सुबह की किरणों से रंगी हुई

मुझे तुम याद आती हो

फरवरी की हल्की धूप सी

मुझे देखकर चहकते चेहकाते

रुक जाना सोचने लग जाना

अपने बालों को कानों के पीछे

चुपचाप बालियों में छुपाती

जाते जाते एक आख़िरी नज़र

मुझे देखने को पलटती हुई

मुझे तुम याद आती हो

दो हाथियों के वजन के बराबर

थकान अपने कंधों पर लिए

झरनों की तरह बहती धारा सी

मेरे सामने खिलखिलाती

हरी शर्ट में टहलती बहलती

बारिशों की तरह टप टप करती

मेरी बातें चुपचाप सुनती हुई

मुझे तुम याद आती हो

मेरे आसपास न दिखने पर

मुझे ढूंढती हुई आँखों के साथ

मुड़ मुड़ कर देखती इधर उधर

मेरे कहीं से आ जाने पर

चैन की सांस लेती

डायरी के पन्नों पर

न जाने किसके चेहरे बनाती हुई

मुझे तुम याद आती हो

चिड़चिड़ाती बारिश की तरह बरसती

मेरी बेचैनी को न समझती

बिखरे बिखरे बालों को अपने

रबरबैंड से उठाती लपेटती

अपनी काली बिंदी ठीक करती

भूख प्यास से दूर भागती

अपनी सहेलियों को बताती हुई

मुझे तुम याद आती हो

क्या मैं भी तुम्हें याद हूँ?

नज़रें झुकाये हुए तुम्हें देखता

हज़ारों बातों की परत दर परत

तुमसे करने को बैठा चुपचाप

रात भर तुम्हारी याद में जागी

आँखों से तुम्हें देखकर

अपनी फैली हुई तन्हाई को समेटता

अपनी बेचैनियों को छुपाये हुए

क्या मैं भी तुम्हें याद हूँ?

तुम्हें ढूंढता रहता हूँ पल पल

बादलों की ओट में

पत्तियों के पीछे से तुम्हें खोजता

मैं अकेला आज भी बैठा हुआ हूँ

तुम्हारी एक झलक के लिए व्याकुल

तुम्हारे इनकार में तुम्हारे इंतज़ार में...


Written between July 24-28 July, 2025

Sunday, March 2, 2025

मयख़ाना

तुझे बूंद बूंद चुनता हूँ,

धागा धागा बुनता हूँ,

बातों में तेरी इतना रस है,

इन्हें घूँट घूँट पीता हूँ,

तेरी बालियों में उलझा हूँ,

तेरी साड़ियों से लिपटा हूँ,

तेरे पर्स में छुपा बैठा,

मैं आईने का टुकड़ा हूँ,

तेरी कॉफी की भाप हूँ,

तेरी जोड़ी की नाप हूँ,

तेरे दोस्तों में छुपा बैठा,

मैं "तुम" से पहले "आप" हूँ,

तेरी कुर्ती की सरसराहट हूँ,

तेरी धड़कनों में मिलावट हूँ,

तेरे बोलों में छुपा बैठा,

मैं लबों की बड़बड़ाहट हूँ,

तेरी नींद का मैं हिस्सा हूँ,

ख़यालों से भी गुज़रा हूँ,

तेरी यादों से छुपा बैठा,

मैं एक भूला किस्सा हूँ,

तेरा गाया हुआ तराना हूँ,

तेरा सबसे बड़ा याराना हूँ,

तेरी आँखों में छुपा बैठा,

मैं सबसे बड़ा मयख़ाना हूँ...


Written on March 01-02, 2025

This Is What It Takes

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