तुझे बूंद बूंद चुनता हूँ,
धागा धागा बुनता हूँ,
बातों में तेरी इतना रस है,
इन्हें घूँट घूँट पीता हूँ,
तेरी बालियों में उलझा हूँ,
तेरी साड़ियों से लिपटा हूँ,
तेरे पर्स में छुपा बैठा,
मैं आईने का टुकड़ा हूँ,
तेरी कॉफी की भाप हूँ,
तेरी जोड़ी की नाप हूँ,
तेरे दोस्तों में छुपा बैठा,
मैं "तुम" से पहले "आप" हूँ,
तेरी कुर्ती की सरसराहट हूँ,
तेरी धड़कनों में मिलावट हूँ,
तेरे बोलों में छुपा बैठा,
मैं लबों की बड़बड़ाहट हूँ,
तेरी नींद का मैं हिस्सा हूँ,
ख़यालों से भी गुज़रा हूँ,
तेरी यादों से छुपा बैठा,
मैं एक भूला किस्सा हूँ,
तेरा गाया हुआ तराना हूँ,
तेरा सबसे बड़ा याराना हूँ,
तेरी आँखों में छुपा बैठा,
मैं सबसे बड़ा मयख़ाना हूँ...
Written on March 01-02, 2025